चिकित्सा पर्यटन का अर्थ है जब कोई व्यक्ति अपने देश की तुलना में बेहतर या सस्ते इलाज के लिए दूसरे देश की यात्रा करता है। भारत वैश्विक चिकित्सा पर्यटन सूचकांक में 46 देशों में से 10वें स्थान पर है। बाजार और विकास के आंकड़े भारत में इलाज की लागत अमेरिका जैसे विकसित देशों की तुलना में औसतन 42 गुना कम है। वर्ष 2022 में भारत का चिकित्सा पर्यटन बाजार 6 बिलियन डॉलर था, जिसके 2026 तक बढ़कर 13.42 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। 2024 में लगभग 6.44 लाख विदेशी नागरिक इलाज के लिए भारत आए। इस क्षेत्र में 2030 तक 18 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। भारत के चिकित्सा केंद्र बनने के मुख्य कारण किफायती उपचार: भारत में जटिल ऑपरेशन जैसे हार्ट बाईपास की लागत लगभग 5.8 लाख रुपये है, जबकि अमेरिका में यही खर्च 1.08 करोड़ रुपये तक आता है। प्रतीक्षा समय की कमी: ब्रिटेन या कनाडा जैसे देशों में सर्जरी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है, जबकि भारत में तत्काल अपॉइंटमेंट मिल जाता है। विश्व स्तरीय गुणवत्ता: भारत में कुशल डॉक्टरों की बड़ी संख्या है और कई अस्पताल अंतरराष्ट्रीय मानकों (JCI और NABH) द...
बिहार आज एक ऐसे आर्थिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ चुनौतियाँ और संभावनाएँ साथ-साथ चल रही हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि जहाँ एक तरफ राज्य गरीबी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ विकास की रफ्तार में यह देश के कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ रहा है। आय का वर्तमान स्तर: एक बड़ी चुनौती रिपोर्ट के अनुसार, व्यक्तिगत आय के मामले में बिहार अभी भी देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है: सबसे कम प्रति व्यक्ति आय: बिहार के लोगों की औसत सालाना कमाई ₹69,321 (2024-25) दर्ज की गई है, जो देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में सबसे कम है। अर्थव्यवस्था का आकार: वर्तमान मूल्यों पर बिहार का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 8 लाख 99 हजार 20 करोड़ रुपये आंका गया है। यह आकार देश के 12 राज्यों से कम है। विकास की तेज रफ्तार: एक नई उम्मीद भले ही वर्तमान आय कम हो, लेकिन बिहार के विकास की गति बेहद प्रभावशाली है: 22 राज्यों से आगे: बिहार की विकास दर देश के 22 राज्यों से अधिक है। इसका मतलब है कि बिहार अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए बहुत तेजी से दौड़ रहा...