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HFS (National Family Health Survey)-5 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 5 वर्ष से कम उम्र के 42.9% बच्चों में Stunting प्रचलित है और उनमें से 22.9 % wasting से पीड़ित हैं। इसी सर्वे से यह पता लगा है की बिहार राज्य में 69.4% एनीमिक हैं। अतः बिहार सरकार ने एक अनोखी पहल करते हुए पिछले वर्ष 2 जिलों सीतामढ़ी और पूर्णिया के लगभग 40 विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के मध्यान भोजन निदेशालय और यूनिसेफ द्वारा अंकुरण परियोजना के तहत न्यूट्रिशन गार्डन या न्यूट्री गार्डन की अवधारणा शुरू किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को रोकना, उन्हें स्वस्थ भोजन के बारे में बताना और प्रकृति के क्रियाकलापों से अवगत कराना था। इस योजना के तहत छात्रों को सब्जियां उगाना तथा वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए अपने मध्यान भोजन की रसोई से जैविक कचरे का उपयोग करना सिखाया गया । उन्हें व्यवहारिक रूप से विभिन्न फलों और सब्जियों के पोषक मूल्यों के बारे में भी बताया गया।  इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों में कुपोषण रोकना था।

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  1. Thankyou for this information.. great work👍

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